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बारिश ने बदला मौसम, किसानों के चेहरे खिले

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रुड़की। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली। हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में देर रात से शुरू हुई बारिश और तेज हवाओं ने शुक्रवार सुबह तक पूरे क्षेत्र का मौसम बदल दिया। सुबह होते ही गरज-चमक के साथ हुई बारिश से जहां सड़कों पर अंधेरा छा गया और वाहन रेंगते नजर आए, वहीं लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

पिछले एक सप्ताह से दिन में तेज गर्मी और सूखी ठंड के कारण आम जनजीवन को राहत तो मिल रही थी, लेकिन खेतों में खड़ी फसलों को सिंचाई के लिए किसानों को लगातार पानी देना पड़ रहा था। शुक्रवार सुबह हुई मध्यम बारिश ने न केवल तापमान में गिरावट दर्ज कराई, बल्कि फसलों के लिए भी वरदान साबित हुई। बारिश के चलते मौसम फिर से ठंडा हो गया और आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही।

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वरिष्ठ किसान नेता चौधरी सुभाष नंबरदार ने बताया कि लंबे अंतराल के बाद हुई इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद साबित होगी। सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा और फसलों की बढ़वार को बल मिलेगा। उन्होंने बसंत पंचमी के अवसर पर सभी के लिए इस वर्ष को मंगलकारी और खुशहाली से भरा रहने की कामना की।

वहीं, धार्मिक दृष्टि से भी बसंत पंचमी को शुभ संकेत माना जा रहा है। आचार्य रजनीश शास्त्री जी महाराज ने बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बसंत ऋतु का आगमन जीवन में नई ऊर्जा, उल्लास और सकारात्मकता लेकर आता है। यह पर्व विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए विद्या, बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने मां सरस्वती और भगवान गणेश से सभी पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने भी मौसम परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ठंड के इस दौर में लापरवाही स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए गर्म कपड़ों का प्रयोग आवश्यक है। उन्होंने सभी के स्वस्थ, सुखी और मंगलमय जीवन की कामना की।

 

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