राजधानी दिल्ली में कुछ दिनों की राहत के बाद वायु प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक रूप धारण कर लिया है। सोमवार दोपहर 12 बजे दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 या उससे अधिक दर्ज किया गया, जिससे राजधानी गंभीर प्रदूषण की चपेट में आ गई। ठंड बढ़ने और हवा की रफ्तार बेहद कमजोर होने के कारण प्रदूषित कण वातावरण में लंबे समय तक बने हुए हैं।
सुबह और रात के समय दिल्ली-एनसीआर में घनी धुंध की चादर छाई रही। तड़के सुबह करीब 2:30 बजे दृश्यता लगभग 100 मीटर दर्ज की गई, जो सुबह 6:30 बजे तक घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ा और कई इलाकों में वाहनों की गति धीमी हो गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कमजोर हवाओं के चलते प्रदूषित हवा का फैलाव नहीं हो सका, जिससे हालात और बिगड़ गए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक राजधानी के लगभग सभी इलाकों में हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। आनंद विहार में औसत AQI 490 दर्ज किया गया, जहां पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 500 तक पहुंच गया। अशोक विहार में 491, रोहिणी में 500, जहांगीरपुरी में 494 और वजीरपुर में 495 AQI रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बवाना, बुराड़ी, चांदनी चौक, आईटीओ, दिलशाद गार्डन और मुंडका समेत कई इलाकों में भी स्थिति बेहद चिंताजनक बनी रही।
दिल्ली से सटे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम, वसुंधरा और संजय नगर में AQI 426 से 490 के बीच दर्ज किया गया। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई सेक्टरों में भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, 15 दिसंबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, लेकिन सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री और न्यूनतम 7 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 16 दिसंबर को दोपहर बाद हवा की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषण में कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है।