देहरादून। आज देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी १०८ वीं जयंती पर माननीय प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय गणेश गोदियाल जी ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में श्रद्धा सुमन अर्पित किए, इस अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस महिला ने इस विश्व का नक्शा बदल दिया उस महिला को ये देश सदैव अपने दिल में रखेगा, उनके पक्के इरादे और जनता की सेवा के लिए जिंदगी भर के समर्पण ने भारत की तरक्की के सफर पर एक अमिट छाप छोड़ी है। देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए उनका आखिरी बलिदान लाखों सलाम का हकदार है। इंदिरा गांधी शुरू से ही स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहीं। बचपन में उन्होंने ‘बाल चरखा संघ’ की स्थापना की और असहयोग आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्टी की सहायता के लिए 1930 में बच्चों के सहयोग से ‘वानर सेना’ बनाई। सितंबर 1942 में उन्हें जेल में डाल दिया गया। 1947 में इन्होंने महात्मा गांधी के मार्गदर्शन में दिल्ली के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में कार्य किया।बचपन से ही उनके मन में देश प्रेम एवं देश सेवा की भावना रही जिसे उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक निभाया। उन्होंने कहा कि चाहे देश के भीतर राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना हो, आर्थिक सुधार लागू करना हो या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करना हो, इंदिरा गांधी ने हर चुनौती का सामना साहस और दूरदर्शिता के साथ किया। उनके कई निर्णय विवादित रहे, लेकिन उन्होंने हमेशा देशहित को प्राथमिकता दी।श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह, जगदीश धीमान, राजेंद्र भंडारी,सूर्यकांत धस्माना,प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, सुजाता पॉल, राजेश चमोली, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद्र शर्मा, मनीष नागपाल, दिनेश सिंह, गुल मुहम्मद, सावित्री थापा आदि उपस्थित रहे