गुवाहाटी। नई दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट सोमवार शाम हुए भीषण कार बम विस्फोट की घटना ने असम में भी सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं। राज्य में पहले से जिहादी गतिविधियों के इतिहास को देखते हुए, सोशल मीडिया पर विस्फोट का ‘स्वागत’ करने या ‘महिमामंडन’ करने वाली आपत्तिजनक पोस्ट्स ने पुलिस और राज्य सरकार को सतर्क कर दिया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने गुरुवार को खुलासा किया कि दिल्ली विस्फोट के बाद ऐसी पोस्ट्स डालने के आरोप में असम भर में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर सिलसिलेवार पोस्ट कर गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक किए:
– बुधवार को गिरफ्तार (6 व्यक्ति)।
– गुरुवार को गिरफ्तार (9 व्यक्ति):
1. रफीजुल अली (बोंगाईगांव)
2. फरीद उद्दीन लश्कर (हैलाकांदी)
3. इनामुल इस्लाम (लखीमपुर)
4. फिरुज अहमद उर्फ पापोन (लखीमपुर)
5. शाहिल शोमन सिकदर उर्फ शाहिदुल इस्लाम (बरपेटा)
6. रकीबुल सुल्तान (बरपेटा)
7. नसीम अकबर (होजाई)
8. तसलीम अहमद (कामरूप)
9. अब्दुर रहीम मोल्ला उर्फ बैप्पी हुसैन (दक्षिण सालमारा)
मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी: “असम पुलिस हिंसा का महिमामंडन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगी।” बुधवार को ही उन्होंने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए थे—”जो विस्फोट का स्वागत कर रहे हैं, उन्हें तुरंत गिरफ्तार करें।”
राज्य के विभिन्न जिलों से अब तक 35 संदिग्धों की पहचान हो चुकी है। शर्मा ने कहा, “हम उनके कनेक्शनों की गहन जांच करेंगे। यदि बांग्लादेश या किसी विदेशी ताकत से संबंध मिला, तो कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी। जिम्मेदारों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। कई संदिग्ध पोस्ट डिलीट कर रहे हैं, लेकिन हमारे पास स्क्रीनशॉट हैं—कार्रवाई तय है।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ये गिरोह पहले जुबीन क्षेत्र में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों में सक्रिय थे और अब दिल्ली विस्फोट का ‘जश्न’ मना रहे हैं। पुलिस जांच जारी है।