एशिया कप फाइनल विवाद: कप्तान सूर्या ने तोड़ी चुप्पी, फीस दान करने का ऐलान

दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए एशिया कप 2025 फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को **5 विकेट से हराकर नौवीं बार खिताब** जीता। लेकिन इस जीत के बाद एक **अभूतपूर्व विवाद** खड़ा हो गया। खिलाड़ियों ने एसीसी अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृहमंत्री व पीसीबी प्रमुख **मोहसिन नक़वी** से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया, जिसके चलते ट्रॉफी और मेडल वितरण नहीं हुआ।

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान **सूर्यकुमार यादव** ने कहा,
*”जबसे मैंने क्रिकेट खेलना और देखना शुरू किया है, मैंने कभी नहीं देखा कि चैंपियन टीम को ट्रॉफी से वंचित कर दिया जाए। यह हमारी मेहनत की कमाई है और हमें इसका हक था। मेरे लिए असली ट्रॉफी वो 14 खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ हैं, जो मेरे ड्रेसिंग रूम में हैं।”*

सूर्या ने आगे ऐलान किया कि वह इस टूर्नामेंट की **अपनी पूरी मैच फीस भारतीय सेना को दान करेंगे।** उन्होंने कहा, *”मैंने जो भी मैच फीस कमाई है, वह भारतीय सेना को देना चाहता हूं।”*

फाइनल जीत के बाद भारतीय टीम करीब डेढ़ घंटे तक ट्रॉफी का इंतजार करती रही। यहां तक कि ‘चैंपियंस’ का बोर्ड भी मंच पर आया और बाद में हटा दिया गया। इस पर हंसते हुए सूर्या ने कहा,
*”हम डेढ़ घंटे तक जश्न मनाने का इंतजार कर रहे थे। यहां तक कि बोर्ड आया और चला भी गया—वो भी मैंने देखा।”*

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पाकिस्तानी पत्रकार ने सवाल उठाया कि भारतीय खिलाड़ियों का व्यवहार राजनीति और खेल को जोड़ रहा है। इस पर मीडिया मैनेजर ने सवाल टाल दिया, जबकि सूर्यकुमार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, *”गुस्सा हो रहे हो आप।”*

जब उनसे पूछा गया कि क्या बीसीसीआई ने पहले से एसीसी को सूचित किया था कि टीम नक़वी से ट्रॉफी नहीं लेगी, तो सूर्या ने साफ कहा कि यह निर्णय मैदान पर ही लिया गया था और किसी तरह का पूर्वनिर्देश नहीं मिला था।

यह बयान और भारतीय टीम का रुख एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि एशिया कप 2025 सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कूटनीतिक संदेश भी बन गया।

 

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