उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता की हत्या के मामले में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी बदमाश जुबैर उर्फ कालिया की मुठभेड़ में मौत हो गई। इस कार्रवाई में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल कर रहे हैं।
एसपी ने बताया कि एनकाउंटर में मारा गया बदमाश रामपुर के शहर कोतवाली मोहल्ला मर्दानखां का निवासी जुबैर था। वह आठ वर्षों से पशु तस्करी के धंधे में लिप्त था। 15 सितंबर को जुबैर अपने साथियों के साथ गोरखपुर के पिपराइच गांव में चोरी के इरादे से पशुओं को वाहनों में लाद रहा था। ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान पीछा कर रहे छात्र दीपक को तस्करों ने डीसीएम में बैठा लिया और गांव से कुछ दूर ले जाकर फेंक दिया। सिर पर चोट लगने से छात्र की मौत हो गई।
घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने पकड़े गए एक तस्कर को पीटा और बीच-बचाव करने आई पुलिस भी आक्रोश का शिकार हुई। इस पर परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने 12 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया और फरार बदमाशों की तलाश शुरू की।
शुक्रवार रात गोरखपुर एसटीएफ और रामपुर पुलिस को जुबैर की लोकेशन मिली। मंडी समिति जाने वाली रोड पर घेराबंदी करने पर बदमाश ने फायरिंग शुरू की। इसमें उपनिरीक्षक राहुल जादौन और सिपाही संदीप घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में जुबैर भी घायल हुआ। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने जुबैर को मृत घोषित कर दिया।
एसपी ने बताया कि जुबैर के खिलाफ गोरखपुर, बलरामपुर समेत कई जिलों में 17 मुकदमे दर्ज हैं। उसके भाइयों—उबैद पर 24, जैद पर 6 और सालिब उर्फ तालिब पर 8 मामले दर्ज हैं।
इस मुठभेड़ से इलाके में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में राहत की भावना है, वहीं घटना ने नीट छात्र दीपक की हत्या के मामले में न्याय की उम्मीद बढ़ा दी है।