गुवाहाटी। असम के महान पार्श्व गायक और अभिनेता **ज़ुबीन गर्ग** को अंतिम विदाई देने के लिए उनके चाहने वालों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर अर्जुन भोगेश्वर बरुआ खेल परिसर से लगभग 20 किलोमीटर दूर **कमारकुची एनसी गांव स्थित श्मशान स्थल** तक ले जाया गया। यह उनकी अंतिम यात्रा का अंतिम पड़ाव था।
गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दूसरे पोस्टमॉर्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को खेल परिसर लाया गया, जहां हजारों प्रशंसकों और शुभचिंतकों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। गायक का पार्थिव शरीर पारंपरिक असमिया **‘गामोछा’** से ढके कांच के ताबूत में रखा गया था।
अंतिम यात्रा के दौरान फूलों से सजी एक एम्बुलेंस शव को लेकर आगे बढ़ रही थी, जिस पर ज़ुबीन गर्ग का एक बड़ा श्वेत-श्याम चित्र लगाया गया था। उनके पीछे परिवार के सदस्य — 85 वर्षीय पिता और पत्नी **गरिमा सैकिया** सहित करीबी लोग अलग-अलग वाहनों में मौजूद थे। इस दौरान हजारों प्रशंसक और शुभचिंतक शवयात्रा के साथ-साथ चलते रहे और गायक के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते रहे।
ज़ुबीन गर्ग की अंतिम यात्रा में लाखों लोग शामिल हुए। खेल परिसर से लेकर श्मशान स्थल तक लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती गई। सड़क के दोनों ओर खड़े होकर लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। कई लोगों ने फूल बरसाए और नम आंखों से अपने प्रिय कलाकार को श्रद्धांजलि दी।
सरकार की ओर से भी उनकी अंतिम यात्रा को **राजकीय सम्मान** दिए जाने की तैयारी की गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं ताकि श्रद्धांजलि देने आए लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गौरतलब है कि ज़ुबीन गर्ग की मौत के बाद पूरे असम और पूर्वोत्तर में शोक की लहर है। संगीत जगत ने उन्हें अपूरणीय क्षति बताया है। उनके प्रशंसकों का कहना है कि ज़ुबीन सिर्फ एक गायक नहीं, बल्कि असम की आत्मा और संस्कृति की आवाज़ थे।