डॉ. धन सिंह रावत की अनोखी पहल, प्रेरक हस्तियां करेंगी विद्यार्थियों से संवाद

देहरादून। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सशक्त और समावेशी बनाने की दिशा में एक नई पहल की जा रही है। विद्यालयी शिक्षा विभाग समग्र शिक्षा के तहत आगामी 23 सितम्बर से ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम की शुरुआत करेगा। इस अभिनव कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह करेंगे।

‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेशभर के लगभग 1300 विद्यालयों में किया जाएगा। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों से संवाद का अवसर मिलेगा। वे न केवल उनके अनुभव सुन सकेंगे, बल्कि अपने सवाल भी पूछ सकेंगे।

प्रधानमंत्री की तर्ज पर अनोखी पहल

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ और ‘मन की बात’ की तर्ज पर आयोजित किया जा रहा है। इसका शुभारम्भ 23 सितम्बर को देहरादून स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में स्थापित केन्द्रीय वर्चुअल स्टूडियो से होगा। यहीं से राज्यपाल कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत करेंगे।

इस दौरान 500 वर्चुअल क्लास और 800 हाईब्रिड मोड क्लास वाले विद्यालयों में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया जाएगा। डॉ. रावत ने कहा कि यह कदम प्रदेश की भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को प्रेरक व्यक्तित्वों से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है।

प्रेरणा देने आएंगे विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज

‘शिक्षा की बात’ की श्रृंखला में प्रख्यात साहित्यकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, रंगकर्मी, पर्यावरणविद, संस्कृति संवाहक, वैज्ञानिक, सैन्य अधिकारी और व्यवसायी छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद करेंगे। वे अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को भविष्य के प्रति मार्गदर्शन और प्रेरणा देंगे।

इस संवाद में छात्र-छात्राओं को भी अपनी जिज्ञासाएं और अपेक्षाएं व्यक्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही वे सीखने-सिखाने की प्रक्रिया पर भी चर्चा कर पाएंगे।

प्रदेश की विविधता से जुड़ेगा हर विद्यार्थी

डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड की विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखकर यह कार्यक्रम डिजाइन किया गया है।

  • उत्तरकाशी की रवांई संस्कृति,
  • सीमांत जनपदों पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के जनजातीय समुदाय,
  • और हरिद्वार-देहरादून जैसे सुविधा-संपन्न क्षेत्र—

इन सबके छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित होंगे।

उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल विद्यार्थियों की शैक्षिक आवश्यकताओं और कैरियर संबंधी समझ को विकसित करेगी, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास में भी अहम योगदान देगी।

शिक्षा सुधार की दिशा में ठोस कदम

डॉ. रावत ने कहा—
“शिक्षा की बात कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रेरक व्यक्तित्वों से जोड़ने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और दृष्टिकोण को व्यापक बनाएगा। यह प्रदेश की नई पीढ़ी को मजबूत आधार प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।”

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