उत्तराखंड में बादल फटा या कुदरत का कहर? 15 की मौत, 16 लापता

देहरादून। उत्तराखंड में कुदरत का कहर एक बार फिर देखने को मिला। सोमवार रात से शुरू हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक राज्यभर में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं। केवल देहरादून जिले में ही 13 लोगों की जान गई है।

बारिश और भूस्खलन के चलते सड़कें, पुल, घर और सरकारी-निजी संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। देहरादून के मालदेवता, सहस्रधारा, मजयाड़ा और कार्लीगाड़ इलाकों में तबाही का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। कार्लीगाड़ में फंसे करीब 70 लोगों को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाया। अब तक लगभग 900 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए और आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी। प्रशासन की ओर से मूलभूत सुविधाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस बीच, मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 20 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

इसी बीच, चमोली जिले के ज्योतिर्मठ से एक दर्दनाक हादसे की खबर भी सामने आई। मारवाड़ी पुल के पास एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। वाहन में सवार 6 लोगों में से एक की मौत हो गई, जबकि पांच घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उप निरीक्षक कुलदीपक पांडे के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को बरामद किया और पुलिस को सौंपा।

लगातार हो रही बारिश से पूरे उत्तराखंड में हालात गंभीर बने हुए हैं और प्रशासन पूरी ताकत के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है।

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