रुड़की में श्रीमद्भागवत कथा: कृष्ण की दिव्य लीलाओं से गूंजा पंडाल

रुड़की। सेवा सहयोग समिति, गणेशपुर रुड़की के तत्वावधान में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में भक्तिरस का अद्भुत माहौल देखने को मिला। जीवनदीप पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी जी महाराज नित्यभाव से भक्तों को कथा श्रवण करा रहे हैं।

आज के कथा प्रसंग में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की ब्रज लीलाओं का जीवंत वर्णन किया। महाराज जी ने रासलीला, कंस वध, जरासंध वध, द्वारका नगरी की स्थापना और महाभारत युद्ध में पांडवों की रक्षा जैसे प्रसंगों को विस्तारपूर्वक सुनाया। कथा के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि कैसे भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्त सुदामा का मान बढ़ाया और परीक्षित का उद्धार किया। साथ ही कलयुग की स्थिति और भक्तिभाव के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

स्वामी यतींद्रानंद गिरी जी महाराज ने श्रोताओं को संदेश देते हुए कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाती है। यह भक्तों को सत्य, प्रेम और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

कथा श्रवण के दौरान भक्तगण, माता-बहनों ने भावविभोर होकर भक्ति रस में डुबकी लगाई। वातावरण ‘हरे कृष्ण हरे राम’ के भजनों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने कथा का आनंद लेते हुए इसे अपने जीवन का अमूल्य क्षण बताया।

इस अवसर पर नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी, विशाल, गौरव, दीपक कश्यप, विवेक गुप्ता, ललित कुमार, बलराम गुप्ता, पराग वेद, मणिकांत, अतुल हरित, डॉ. प्रदीप त्यागी, अतुल वशिष्ठ, प्रियांशु ठाकुर, सविता दीदी, शुभम शर्मा, अमित धीमान, गोपाल सिंह, अरुण, मुकेश, अनिल, रविंद्र, बाबूराम, ज्ञानचंद, संजीव शर्मा, मोहित शर्मा, प्रदीप शर्मा, सोनू, मोनू, आशु, राजेश और विनोद कुमार सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।

कथा में शामिल लोगों ने बताया कि इस तरह के आध्यात्मिक आयोजन समाज को एकजुट करते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

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