भारत रत्न डॉ भूपेन हजारिका पर आधारित वृत्तचित्र ‘भूपेन दा अनकट’ का प्रीमियर अनुराधा में संपन्न

सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
गुवाहाटी। महान संगीतकार, गायक और निर्देशक, भारत रत्न भारत रत्न डॉ भूपेन हजारिका के जीवन पर आधारित वृत्तचित्र ‘भूपेन दा अनकट’ का प्रीमियर शनिवार को गुवाहाटी के प्रसिद्ध सिनेमा टाकीज़ ‘अनुराधा’ में संपन्न हुआ।इसमें स्वर्गीय डॉ. भूपेन हजारिका के परिवार के सदस्यों के अलावा उनके कई प्रशंसक और प्रशंसक भी शामिल हुए। अमेरिका में रहने वाले डॉ हजारिका के पुत्र तेज हजारिका, अपनी पत्नी कैंडिस हजारिका और पुत्र ऋषि आकाश हजारिका के साथ प्रीमियर शो में शामिल हुए। डॉ. भूपेन हजारिका के छोटे भाई समर हजारिका भी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इस मौके पर उपस्थित रहे।

वृत्त चित्र की निर्माता-निर्देशक बबीता शर्मा ने इस मौके पर दिये स्वागत भाषण में बताया कि वृत्तचित्र के फुटेज विंटेज क्वालिटी के हैं, क्योंकि इन्हें 1999 में इंग्लैंड में शूट किया गया था। कार्यकारी निर्माता चिन्मय शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

स्क्रीनिंग के बाद स्वर्गीय डॉ. भूपेन हज़ारिका के भाई, प्रख्यात गायक समर हज़ारिका ने कहा कि उन्हें लगा कि वृत्तचित्र में भूपेन दा जीवंत हो उठे हैं और इसमें भूपेन दा की बहुत सारी सामग्री है।

स्वर्गीय डॉ. भूपेन हज़ारिका के पुत्र तेज हज़ारिका और उनके परिवार के सदस्य वृत्तचित्र और उसमें मौजूद सामग्री की विविधताओं को देखकर बहुत उत्साहित थे।

इस प्रीमियर शो में असम की सांस्कृतिक दुनिया की कई हस्तियाँ भी शामिल हुईं। इनमें मंजू बोरा, संजीव सभापंडित, रुनु देवी, गायक लोकनाथ गोस्वामी, मालबिका बोरा, प्रांतिक के मालिक और संपादक प्रदीप बरुआ, डीवाई 365 की मालकिन सुश्री दीपान्निता जायसवाल की भी मौजूदगी रही।
‘भूपेन दा अनकट’ में भूपेन दा की 1999 में इंग्लैंड यात्रा के समय असम मेडिकल कॉलेज डॉक्टर्स एलुमनी ग्रुप की ओर से आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की कुछ यादें शामिल हैं। इन्हें उस समय कैमरे में दर्ज किया गया था। वृत्तचित्र में भूपेन दा अपने बचपन के बारे में विस्तार से बताते नजर आते हैं।असमिया सिनेमा के अग्रणी ज्योति प्रसाद अग्रवाल जैसे सांस्कृतिक दिग्गजों के साथ बातचीत और अनुभव, न्यूयॉर्क में उच्च अध्ययन की उनकी खोज, उनकी पत्नी प्रियंवदा पटेल से उनकी मुलाकात – उनके रिश्ते की गतिशीलता के साथ-साथ उनके दर्शन और विचारधारा आदि। वृत्त चित्र में भूपेनदा अपनी कुछ कविताएँ भी सुनाते नजर आते हैं। उनमें से कुछ, संभवतः, अभी तक प्रकाशित नहीं हुईं।

इस वृत्तचित्र का निर्माण और निर्देशन बबीता शर्मा ने किया है। कार्यकारी निर्माता चिन्मय शर्मा हैं। संपादक और रचनात्मक निर्देशक रवींद्र बदगइयन हैं। कैमरा चिन्मय शर्मा का है‌।कथा-पटकथा जिमोनी चौधरी की है।

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