हिमाचल में मानसून की तबाही: मनाली में रेस्टोरेंट-दुकानें बहीं, 9 जिलों में स्कूल बंद

Monsoon devastation in Himachal:हिमाचल प्रदेश में मानसून कहर बरपा रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश ने प्रदेशभर में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे बड़ी तबाही पर्यटन नगरी **मनाली** में देखने को मिली, जहां ब्यास नदी के उफान में बाहंग बाजार का मशहूर रेस्टोरेंट *शेर-ए-पंजाब* और तीन-चार दुकानें बह गईं। सौभाग्य से किसी की जान नहीं गई, क्योंकि प्रशासन ने खतरे को देखते हुए पहले ही लोगों को वहां से हटा दिया था।

मनाली में हालात बेहद गंभीर हैं। कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे ढंकार के पास क्षतिग्रस्त हो गया है और वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। फिलहाल ट्रैफिक को रायसन से लेफ्ट बैंक होकर मनाली भेजा जा रहा है। वहीं मनालसु नाले में बाढ़ आने से शहर की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। प्रशासन ने अपील की है कि उपभोक्ता पानी का बेहद सावधानी से उपयोग करें।

**मंडी जिले** में भी हालात बिगड़े हुए हैं। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे कई जगहों पर बंद है। पंडोह से औट के बीच मलबा गिरने से यातायात ठप हो गया है। हणोगी के पास सैकड़ों लोग फोरलेन की टनलों में शरण लिए हुए हैं, जहां प्रशासन और स्थानीय संगठन भोजन-पानी पहुंचा रहे हैं। बालीचौकी क्षेत्र में दो मकान ढह गए, जबकि लाछ और बाता गांव के 35 से ज्यादा घर खतरे की जद में हैं।

लगातार बारिश के चलते मंगलवार को **शिमला, कांगड़ा, चंबा, ऊना, मंडी, कुल्लू, सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर** जिलों में सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी बंद रखे गए। लाहौल-स्पीति जिले के कुछ इलाकों में भी स्कूलों को बंद कर दिया गया।

मौसम विभाग ने **चंबा और कांगड़ा** में रेड अलर्ट, मंडी और कुल्लू में ऑरेंज अलर्ट और ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर में येलो अलर्ट जारी किया है। 31 अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, अब तक इस मानसून सीजन में **306 लोगों की मौत**, 37 लोग लापता और 360 घायल हो चुके हैं। प्रदेश में 3,186 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 693 पूरी तरह ढह गए। अकेले मंडी जिले में 1,500 मकान प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा 470 दुकानें और 2,819 पशुशालाएं भी नष्ट हो चुकी हैं।

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