देहरादून/ उत्तरकाशी। श्री बदरीनाथ -श्री केदारनाथ समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह किया है कि वे मौसम सामान्य होने के बाद ही धार्मिक यात्रा करें। श्री द्विवेदी ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं के लिए विश्राम गृहों में ठहरने के लिए निशुल्क व्यवस्था की गई है। लिहाजा सभी श्रद्धालुओं से विनम्र निवेदन है कि विभिन्न स्थानों पर सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा अपने विश्रामगृहों में ठहरे सभी श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क आवास की व्यवस्था की गई है। इसलिए श्रद्धालु इसका लाभ उठाएं। श्री द्विवेदी ने यह भी कहा कि
जब तक मौसम अनुकूल न हो और सड़क मार्ग पूर्ण रूप से बहाल न हो जाएं, कृपया सुरक्षित स्थान पर ही ठहरे रहें। श्री द्विवेदी ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कहीं भी जहां – जहां तीर्थ यात्री फंसे हुए हैं उनको वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए ताकि तीर्थ यात्रियों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार काफी तत्परता से तीर्थयात्रियों की मदद भी कर रही है। श्री द्विवेदी ने कहा कि मौसम ठीक होते ही तीर्थ यात्री अपने गंतव्य की ओर जाएं। उन्होंने कहा कि समिति मौजूदा हालात पर नजर रखे हुए है। साथ ही राज्य सरकार के संपर्क में है।
श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उत्तरकाशी के श्री गंगोत्री धाम मार्ग पर स्थित धराली में अतिवृष्टि से हुए जन धन की हानि पर दु:ख जताया है वही तीर्थयात्रियों से अपील की है कि मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार धामों की यात्रा करें। इसी परिप्रेक्ष्य में बीकेटीसी अध्यक्ष ने श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति की यात्रा मार्ग स्थित सभी धर्मशालाओं एवं विश्राम गृहों को आपदा तथा अतिवृष्टि जैसी स्थिति में तीर्थयात्रियों को निशुल्क उपलब्ध करवाने के आदेश दिये है। इस यात्रा वर्ष बरसात के मौसम में किसी भी आपदा तथा संकट में चारधाम तीर्थयात्रियों से कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा।इस संबंध में अधिकारिक आदेश जारी कर दिये गये हैं।
विदित है कि भारी बारिश के कारण श्री बदरीनाथ – केदारनाथ यात्रा मार्ग भी जगह-जगह बाधित हो रहा है जिससे तीर्थयात्री समय पर अपने गंतव्य तक नही पहुंच पा रहे है ऐसी स्थिति में आवासीय व्यवस्था हेतु मंदिर समिति ने तीर्थयात्रियों की सहायता हेतु यह निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि बीकेटीसी के ऋषिकेश सहित देवप्रयाग, टिहरी, घनशाली, पौड़ी, श्रीनगर, रूद्रप्रयाग, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग तथा श्री बदरीनाथ मार्ग पर चमोली, नंदप्रयाग, जोशीमठ, श्री बदरीनाथ धाम में धर्मशालाएं/ विश्राम गृह स्थित है ।