उत्तराखंड पंचायत चुनाव: भाजपा का दावा बंपर जीत का, कांग्रेस ने बताया झूठ! जानिए किसका दावा सही?
देहरादून पंचायत चुनाव में सियासी घमासान—भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, कौन पड़ा भारी?
उत्तराखंड के पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक पारा चरम पर है। देहरादून जिले समेत पूरे प्रदेश में हुए चुनावों के नतीजों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। जहां भाजपा ने पंचायत चुनावों में ऐतिहासिक जीत का दावा किया है, वहीं कांग्रेस ने इसे पूरी तरह से झूठा बताया है और कहा कि असली बढ़त कांग्रेस को मिली है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी को देहरादून समेत राज्यभर में बंपर समर्थन मिला है। उन्होंने बताया कि भाजपा को कुल 216 सीटों पर जीत मिली है और हरिद्वार की 44 सीटों को मिलाकर यह संख्या 260 तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पंचायतों में मिली ऐतिहासिक सफलता बताया। भट्ट ने कहा कि भाजपा ने रणनीति के तहत कई सीटों को ओपन छोड़ा था, जहां से भी पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को जीत मिली है।
दूसरी ओर, कांग्रेस प्रदेश कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने दावा किया कि देहरादून जिले में कांग्रेस के 16 अधिकृत प्रत्याशियों में से 12 ने जीत हासिल की है और ओपन सीटों पर भी कांग्रेस को बढ़त मिली है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में कांग्रेस आठ से दस जिला पंचायत बोर्ड बनाने में सफल रहेगी। उन्होंने भाजपा पर धनबल और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए।
भाजपा ने कांग्रेस के 200 से अधिक सीटों पर जीत के दावे को पूरी तरह से काल्पनिक बताते हुए कहा कि इतने अधिकृत प्रत्याशी ही नहीं थे, जितने वे जीत का दावा कर रहे हैं। पंचायत चुनाव में दोनों दलों के बीच यह बयानबाज़ी साफ दर्शा रही है कि मैदान में सियासी घमासान अभी बाकी है।