चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुसार, जनपद चंपावत का श्यामलाताल क्षेत्र अब एक आकर्षक और समग्र इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। ₹490.94 लाख की लागत से चल रही लेक फ्रंट डेवलपमेंट परियोजना धरातल पर तेज़ी से आकार ले रही है।
जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने श्यामलाताल पहुंचकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान पेयजल निर्माण निगम, लोहाघाट के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई।
अधिकारियों ने बताया कि:
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झील के किनारे सौंदर्यीकरण
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पर्यटक सुविधाओं का विकास
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और पर्यावरणीय गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
निर्देश: समयबद्ध व उच्च गुणवत्ता के साथ हो कार्य
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप उत्कृष्ट गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने साइट पर उद्यान विकास कार्य शीघ्र शुरू करने के भी निर्देश दिए, जिससे क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और अधिक निखरे।
आध्यात्मिक परिसर की संभावना पर भी विचार
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को श्यामलाताल में एक आध्यात्मिक परिसर विकसित करने की संभावनाओं पर भी गहन अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा:
“श्यामलाताल की शांति, प्रकृति और आध्यात्मिक ऊर्जा को देखते हुए यहां आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने की व्यापक संभावनाएं हैं।“
इन अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी टनकपुर आकाश जोशी, सीएनडीएस और पेयजल निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।