◆शराब के शौकीनों में बढ़ी बेचैनी
बरकाकाना(रामगढ़)। झारखंड सरकार द्वारा शराब की बिक्री निजी हाथों में सौंपे जाने को लेकर कवायद तेज कर दी गई है। जिसे लेकर बरकाकाना क्षेत्र के शराब दुकानों को सील कर दिया गया है। जानकारों द्वारा बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा शराब की बिक्री निजी हाथों में सौंपे जाने से पूर्व शराब दुकानों का अंकेक्षण किया जा रहा है। जिन दुकानों का अंकेक्षण कार्य पूरा हो गया है। उन शराब दुकान को राज्य सरकार द्वारा अगले आदेश तक सील कर दिया गया है। राज्य में सबसे अधिक राजस्व देने के मामले में शराब की बिक्री अव्वल नंबर पर रहती हैं। शराब दुकानों को राज्य सरकार द्वारा सील किए जाने के बाद से शराब के शौकीनों को शराब के लिए इधर-उधर भटकता हुआ आसानी से देखा जा सकता है।
बरकाकाना स्टेशन रोड में शाम ढलते ही शराब के शौकीन लोगों का ताता लगा रहता था। जब से राज्य सरकार द्वारा बरकाकाना शराब दुकान को अंकेक्षण कार्य पूरी किए जाने के बाद सील कर दी गई है। तब से स्टेशन रोड सुनसान पड़ा हुआ है। शराब के शौकीन लोगों द्वारा अत्यधिक शराब का सेवन कर अक्सर स्टेशन रोड में मारपीट का मामला प्रकाश में आता रहा है। स्टेशन रोड में शांति व्यवस्था बना रहे इसे लेकर बरकाकाना रेल थाना द्वारा लगातार स्टेशन रोड पर गश्त किया जाता रहा है। शराब दुकान सील होने के बाद शराब के शौकीनों द्वारा मुंह मांगी दामों पर शराब खरीदने के लिए आतुर देखा जा रहा है।
जबकि रामगढ़ जिला के विभिन्न स्थानों में बनने वाले नकली शराब इन दोनों पूरे जिले में चोरी छुपे ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है। शराब के शौकीन लोगों द्वारा बताया गया कि राज्य सरकार शराब की दुकानों को निजीकरण करने से पूर्व कोई वैकल्पिक व्यवस्था किया जाना चाहिए था। ताकि शराब के शौकीन लोगों को नकली शराब का सेवन किए जाने से बचाया जा सकता था। शराब दुकान बंद होने से आसपास के दुकानों में भी बिक्री पर प्रभाव पड़ा है। दावत रेस्टोरेंट चलाने वाले संचालक द्वारा बताया गया कि शराब दुकान जब खुला था। तब स्टेशन रोड में काफी लोगों का आना-जाना लगा रहता था। जिससे होटल की भी बिक्री बनी हुई थी। शराब दुकान बंद होने से कई तरह के व्यापारों में भी व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा हैl