त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव स्थगित! न्यायालय ने निर्वाचन प्रक्रिया पर लगाई रोक
सीट आरक्षण में गड़बड़ी पर लिया संज्ञान
देहरादून/नैनीताल। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। राज्य उच्च न्यायालय ने पंचायत चुनावों को स्थगित कर दिया है। यह कदम न्यायालय ने पंचायत चुनावों के सीटों के आरक्षण और संख्या में उचित तालमेल न होने के कारण उठाया।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र बुटोला की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने इस मुद्दे पर गंभीर संज्ञान लिया और चुनाव प्रक्रिया को फिलहाल रोकने का आदेश दिया। उच्च न्यायालय का यह आदेश निर्वाचन आयोग के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है, क्योंकि आयोग ने चुनावों के लिए पूरी तैयारी कर ली थी।
निर्वाचन आयोग की तरफ से सभी तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी थीं, लेकिन न्यायालय के आदेश ने सभी योजनाओं को अधर में लाकर रख दिया। चुनावों के लिए मतदान तिथियां निर्धारित की गई थीं, और चुनाव प्रचार भी शुरू हो चुका था। ऐसे में इस फैसले ने पूरी प्रक्रिया को अनिश्चितता में डाल दिया है।
कोर्ट ने विशेष रूप से यह ध्यान में लिया कि पंचायत चुनावों के आरक्षण को लेकर कुछ सीटों पर असंतुलन था और यह गड़बड़ी चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती थी। बुटोला की याचिका में यह आरोप था कि आरक्षण में भेदभाव और असमानता को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया में कुछ खामियाँ हैं, जिन्हें ठीक किया जाना चाहिए।
यह निर्णय उन तमाम उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के लिए एक बड़ा आश्चर्य है जो चुनावों की तैयारी में जुटे थे। अब यह देखना होगा कि राज्य निर्वाचन आयोग इस आदेश के बाद किस प्रकार आगे की योजना बनाता है और चुनाव प्रक्रिया को कब तक फिर से शुरू किया जा सकता है।