बच्चों को गुमराह करने वाली सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाएगी केरल सरकार

देहरादून। केरल सरकार ने बच्चों को गुमराह करने वाली सामग्री तैयार कर उसे ऑनलाइन मंचों पर डाल कर अभियान चलाने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की शनिवार को चेतावनी दी। सामान्य शिक्षा मंत्री वी सिवनकुट्टी ने कहा कि सोशल मीडिया मंचों पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर बच्चों के दिमाग में जहर घोलने की जानबूझ कर कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान चलाने वालों का मकसद युवा पीढ़ी को गलत हरकतों की ओर धकेलना है।

उन्होंने अध्यापकों एवं अभिभावकों से ऐसे मामलों पर अतिरिक्त नजर बनाये रखने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘ यूट्यूब पर और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर ऐसे कार्यक्रमों और सामग्रियों को प्रतिबंधित करने का समय निकल गया है। वे न केवल बच्चों बल्कि युवाओं और पूरे समाज को दूषित कर रहे हैं।” सिवनकुट्टी का बयान विवादास्पद यूट्यूबर ‘थोप्पी’ की गिरफ्तारी के आलोक में महत्वपूर्ण है। उसका मूल नाम निहाद है और वह कन्नूर जिले का रहने वाला है।

शुक्रवार तड़के कोच्चि में उसके घर से उसे हिरासत में लिया गया। थोप्पी (24) की आपत्तिजनक टिप्पणियों एवं सामग्रियों संबंधी कई पोस्ट है। वह खासकर बच्चों के बीच बहुत लोकप्रिय है। हाल में जब यह मलप्पुरम के वालनचेरी में एक दुकान का उद्घाटन करने गया था तब उसे देखने के लिए स्कूली बच्चों समेत सैकड़ों किशोर पहुंच गये थे। थोप्पी पर पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए सिवनकुट्टी ने कहा कि अगले ही दिन इस यूट्यूबर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसी की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।” उन्होंने कहा कि सरकार एक वर्ग की ऐसी हरकत स्वीकार नहीं कर सकती है जो अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर बच्चों को गुमराह करने का प्रयत्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान चलाने वालों के खिलाफ सभी कानूनी उपाय किये जाएंगे और सरकार इस मामले में कोई समझौता करने के लिए तैयार नहीं है।

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