गुवाहाटी ।असम के नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 3.093 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) कच्चे तेल का उत्पादन कर एक नया रिकार्ड स्थापित किया है।
यह इस रिफाइनरी में अब तक का सबसे ज्यादा कच्चे तेल का उत्पादन है और इसकी 3.0 एमएमटी क्षमता से अधिक है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने 87.6 प्रतिशत अर्क प्राप्त किया है, जो इसकी स्थापना के बाद से सबसे अधिक है।
एनआरएल ने अपने पूंजीगत व्यय को 6,615 करोड़ रुपये रखते हुए यह उपलब्धि प्राप्त की है, जो अब तक का सबसे अधिक है। प्रमुख रिफाइनरी उत्पादों एमएस, एचएसडी और मोम का उत्पादन क्रमश: 662.4 मीट्रिक टन, 2,134.8 मीट्रिक टन और 47.7 मीट्रिक टन हुआ, जो अब तक के उच्चतम उत्पादन आंकड़े हैं। एलपीजी बॉटलिंग भी 65.9 टीएमटी हुई है जो कि अब तक का रिकॉर्ड उत्पादन है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में एक अन्य आकर्षण 18 मार्च, 2023 को भारत और बंगलादेश के प्रधानमंत्रियों द्वारा भारत-बंगलादेश मैत्री पाइपलाइन का सफल उद्घाटन भी रहा है। पश्चिम बंगाल में एनआरएल के सिलीगुड़ी मार्केंटिंग टर्मिनल से बंगलादेश के पार्वतीपुर तक एचएसडी का परिवहन करने के लिए 1
एमएमटीपीए, 132 किमी लंबी पाइपलाइन बनाई गई है। एनआरएल वर्तमान में अपनी क्षमता को 3.0 एमएमटीपीए से बढ़ाकर 9.0 एमएमटीपीए तक बढ़ाने में लगा हुआ है, जिसमें ओडिशा के पारादीप बंदरगाह में कच्चे तेल आयात टर्मिनल की स्थापना और पारादीप से नुमालीगढ़ तक 1,640 किलोमीटर कच्चे तेल की पाइपलाइन बिछाना शामिल है।
एनआरएल अपने फिनिश सहयोगियों के साथ एक संयुक्त उद्यम कंपनी के माध्यम से नुमालीगढ़ में बांस बायोमास के साथ अपने प्रकार का पहला बायो रिफाइनरी भी शुरू कर रहा है। अनुमान है कि यह बायो रिफाइनरी 2023 के अंत तक चालू हो जाएगी, 49,000 टन इथेनॉल और अन्य रसायनों का उत्पादन करेगी, जिससे देश में 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण प्राप्त करने के अभियान में मदद मिलेगी।