मुंबई । जेल में 101 दिन सलाखों के पीछे गुजारने के बाद बाहर आये शिवसेना नेता एवं सांसद संजय राउत ने कहा कि जेल में रहना उनके लिए एक कठिन परीक्षा थी जहां वह एकांत कारावास में रहे और बाहरी दुनिया से उनका कोई संपर्क नहीं था और वह खुद से या जेल की दीवारों से बात करते थे।
श्री राउत ने कहा कि जेल प्रवास ने उन्हें आश्चर्यचकित किया कि कैसे सावरकर ने 10 साल और लोकमान्य तिलक ने छह साल बिताए या अटल बिहारी वाजपेयी आपातकाल के दौरान लगभग दो साल जेल में कैसे रहे।
उन्होंने कहा ,मैंने तीन महीने से अधिक समय के बाद पहली बार घड़ी पहनी है। जेल की सजा अच्छी नहीं है। मैंने बहुत कुछ सहा है। मेरे परिवार ने भी बहुत कुछ खोया है। बिना वजह किसी को जेल भेजना गलत है।
उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या उन्हें जेल भेजने की साजिश रचने वालों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है।
उन्होंने दोहराया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार “असंवैधानिक” है। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे, लेकिन ब्योरा नहीं दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही अपनी पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार से भी मुलाकात करेंगे।
राउत ने कहा कि यदि उनका स्वास्थ्य अनुकूल रहा तो वह राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे, जो वर्तमान में महाराष्ट्र से होकर गुजर रही है।
शिवसेना के फायरब्रांड नेता ने जोर दिया कि उनकी गिरफ्तारी अवैध थी और बुधवार को विशेष पीएमएलए कोर्ट ने भी यह बात कही। उन्होंने कहा , देश ने इस तरह की राजनीति कभी नहीं देखी।
हमारा देश 150 वर्षों तक विदेशी शासन के अधीन था, लेकिन हमने देश में इस तरह का राजनीतिक प्रतिशोध नहीं देखा। यहां तक कि दुश्मनों के साथ भी अच्छा व्यवहार किया गया। धन शोधन मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किये गये श्री राउत ने कहा, न्यायपालिका में मेरा विश्वास बढ़ा है।’
