चारधाम यात्रा : पर्यटन कारोबार के पटरी पर लौटने के आसार

उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा को लेकर इस बार पर्यटन कारोबारियों में खासा उत्साह है। धामों में इस बार रिकॉर्ड तोड़ संख्या में तीर्थयात्रियों पहुंचने की संभावना है,जिससे बीते वर्षों में ठप पड़े पर्यटन कारोबार के पटरी पर लौटने का कारोबारियों को बेसब्री से इंतजार है।

उत्तरकाशी जिले में पिछले दो सालों में कोरोना महामारी के चलते पर्यटन कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया था। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2019 में जहां लगभग 9 लाख पर्यटक उत्तरकाशी जनपद पहुंचे, वहीं साल 2020 व 21 में पर्यटकों की संख्या एक लाख से नीचे सिमट कर रही। ये आंकड़े गंगोत्री व यमुनोत्री धाम आये तीर्थयात्रियों समेत जिले में विभिन्न पर्यटक स्थलों पर घूमने आए सभी पर्यटकों का है।
आगामी 3 मई को जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने पर चारधाम यात्रा का आगाज हो जाएगा। चारधाम यात्रा को लेकर शासन व प्रशासन स्तर पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है।

जिले में गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर संभावित डेंजर जोनों के सुधारीकरण के साथ ही धामों में बिजली, पानी, शौचालय, गंगा स्नान घाटों के पुनर्निर्माण आदि का काम तेजी के साथ पूर्ण किया जा रहा है। इस बार रिकॉर्ड तोड़ संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने की उम्मीद की जा रही है।

इसका प्रमुख कारण यह है कि पिछले दो वर्षों में चारधाम यात्रा कोविड-19 के चलते लगभग पूरी तरह से ठप रही। इस बार सीमित संख्या में यात्रियों के धाम पहुंचने की बाध्यता नहीं है, लेकिन रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य रहेगा। वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया भी साथ-साथ चल रही है।

यात्रा शुरू होने से पहले होटलों में एडवांस बुकिंग आने से स्थानीय कारोबारियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा। हालांकि चारधाम यात्रा शुरू नहीं है, फिर भी उत्तरकाशी शहर समेत जिले के अन्य पर्यटक स्थलों पर अच्छी खासी तादाद में टूरिस्ट पहुंच रहे हैं। ऐसे में चारधाम यात्रा शुरू होने पर जिले में पर्यटकों की आमद बढ़ने की पूरी संभावना है।

पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों को देखे तो देश विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुके उत्तरकाशी जिले में वर्ष 2019 में 8,97,472 पर्यटक पहुंचे, जबकि 2020 में कोरोना महामारी के बीच महज 7,92 पर्यटक पहुंचे। साल 2021 में यह संख्या थोड़ा बढ़ी और 1,09,154 पर्यटक पहुंचे।

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार उत्तरकाशी में विदेशी पर्यटकों की तादाद में खासी गिरावट देखने को मिली। 2019 में 2589 विदेशी पर्यटक पहुंचे, लेकिन 2020 में 2022 और साल 2021 में महज 140 विदेशी पर्यटक ही पहुंचे।

ये सभी पर्यटन व तीर्थ यात्रा गंगोत्री, यमुनोत्री, गोमुख, उत्तरकाशी शहर, हरकीदून, हर्षिल, डोडीताल, हनुमानचट्टी, सह ताल, गंगनानी आदि जगहों पर घूमने पहुंचे थे। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने कहा कि कोविड काल के दौरान उत्तरकाशी में पर्यटकों की तादाद काफी कम रही। लेकिन अब जिले में पर्यटकों की संख्या पहले से काफी अच्छी रहेगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.