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रामनगर पुलिस कस्टडी में एक व्यक्ति की मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाया हत्या का आरोप

एसटीएच में इलाज के दौरान तोड़ा दम, रात में अपने साथ ले गई थीं पुलिस

रामनगर । रामनगर के मालान क्षेत्र में एक व्यक्ति की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई है। परिजनों ने मालान पुलिस पर पीट-पीटकर मारने का इल्जाम लगाया है। एसएसपी पंकज भट्ट ने कस्टोडियल डेथ से इंकार किया है। इस व्यक्ति की मौत से कुछ देर पहले ही मृतक के पुत्र नेइस बाबत पुलिस के उच्चाधिकारियों को शिकायत की थी।

मृतक के पुत्र जीवन सिंह का कहना है कि 10 अप्रैल की शाम को सात बजे पुलिस की एक जीप व दो बाइक पर मालान पुलिस चौकी इंचार्ज प्रकाशचंद्र व जयवीर, प्रदीप, कमल, ललित गोस्वामी सिपाही जबरन उनके तुमड़िया डैम 1, मालान के घर में घुस आए।

उन्होंने घर की महिलाओं के साथ बदसलूकी करते हुए घर की तलाशी लेनी शुरू कर दी। तलाशी के बाद यह लोग उसके पिता राज सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह (46 वर्ष) को अपने साथ ले गए। पुत्र का कहना है कि पिता को छुड़ने के लिए रात ग्यारह बजे तक चौकी के बाहर बैठे रहे। लेकिन पुलिस ने उनको नहीं छोड़ा।

11अप्रैल की सुबह पता चला कि उसके पिता को रामनगर ले जाया गया है। रामनगर जाने पर पता चला कि उसके पिता को हल्द्वानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पीड़ित पुत्र का कहना है कि परिजनों ने जब हल्द्वानी के सुशीला तिवारी चिकित्सालय में जाकर चिकित्सकों से पता किया तो बताया कि राज के सिर व शरीर के अन्य स्थानों पर गंभीर चोट लगी हुई हैं।

जिस वजह से वह कौमा में हैं। मृतक के पुत्र ने यह सारी शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी थी।इस शिकायत के कुछ ही देर बाद दोपहर में राज सिंह की हल्द्वानी अस्पताल में मौत हो गई।

इस मामले में नैनीताल के एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि सोमवारको मालान चौकी में राज की तबीयत खराब होने पर उसे रामनगर चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। जहां से उसे हल्द्वानी रैफर कर दिया गया था। रात ही न्यूरोसर्जन ने राज के मस्तिष्क में रक्त के थक्के जमने का आपरेशन किया था।

जिसके बाद से उसका ब्लडप्रेशर लगातार गिर रहा था। मंगलवार की दोपहर राज की मौत हो गई।  भट्ट ने बताया कि इस मामले में पुलिस द्वारा मानवाधिकार आयोग की गाइड लाइन का पालन करते हुए कार्यवाही की जा रही है।

पीड़ित का पुत्र एवं परिजन एसएसपी की इस सफाई को झूठा बता रहे हैं। इस मामले में अभी अन्य किसी बड़े पुलिस अफसर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अभी यह भी पता नहीं चला कि पुलिस राज को रात में घर से क्यों ले गई।

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