चुनावी साल में अल्मोड़ा मेडिकल कलेज शुरू पर संशय

हरेक साल उत्तराखंड के सौ एमबीबीएस छात्रों का हो रहा है नुकसान

अल्मोड़ा। चुनावी साल में भी अल्मोड़ा मेडिकल में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने पर अभी भी संशय बरकरार है। एमसीआई की मान्यता के लिए अल्मोड़ा भेजी गई फैकल्टी फिलहाल मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
गौरतलब है कि एमसीआई की मान्यता के लिए अवस्थापना विकास के साथ ही फैकल्टी की तैनाती के तहत 12 अगस्त को हल्द्वानी मेडिकल कालेज से 11 प्राध्यापकों का तबादला कर दिया गया था। इसमें से सात डाक्टर मेडिकल कालेज के बेस अस्पताल में मरीजों को देख रहे हैं।मेडिकल कॉलेज  प्राचार्य डा. सी पी भैसोड़ा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर ओपीडी में सहयोग कर रहे हैं। इनमें जनरल मेडिसिन प्रो एआर सक्सेना, रेस्पिरेट्री मेडिसिन  एसोसिएट प्रोफेसर डा. डीसी पुनेरा, एसोसिएट प्रोफेसर जनरल मेडिसिन डॉ.अशोक कुमार, डा.मकरंद सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर एनेस्थिसियोलॉजी डा. आदित्य कुमार चौहान, जनरल सर्जन डा.माल्विका सवाई और गायनी की डा श्वेता आब्स शामिल हैं।
पीआरओ डा.अनिल पांडे ने बताया कि लोग बेस अस्पताल की ओपीडी में आकर उनसे परामर्श ले सकते हैं। डा.भैसोडा का कहना है कि कालेज को शुरू करने के लिए पहल जारी है। सरकार की ओर से लगातार इसकी प्रगति ली जा रही है।  तबादला किए गए प्राध्यापकों के आने के बाद भी फैकल्टी की कमी रहेगी। उसे भरने के लिए भी सरकार प्रयासरत है। उन्होंने एमसीआई की होने वाली विजिट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने स्वीकार किया कि यदि इस साल से भी मेडिकल कालेज में पढ़ाई शुरू नहीं हो पायी तो एमबीबीएस करने वाले सौ छात्रों को भारी नुकसान होगा।

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