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राज्य आंदोलनकारियों ने सीएम के सामने रखी अपनी मांगें

मुख्यमंत्री से मिला राज्य आंदोलनकारियों का शिष्टमंडल, मिला सकारात्मक आश्वासन

देहरादून । उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच से जुड़े राज्य आंदोलनकारियों के एक शिष्टमंडल ने काबीना मंत्री गणेश जोशी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने सीएम के समक्ष राज्य आंदोलनकारियों की लंबित मांगें रखी। बता दें कि दो दिन पहले राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संगठन के बैनर तले तमाम आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया था। तब आंदोलनकारियों को सीएम से वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया था।
इस क्रम में राज्य आंदोलनकारी सीएम से मिले और उन्हें अपनी लंबित मांगों से अवगत कराया। मांग की है कि राज्य आंदोलनकारियों को दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ बहाल करने के लिए अध्यादेश जारी किया जाए। ताकि राज्य आंदोलनकारी कोटे से सरकारी नौकरी में सेवायोजित लोगों की नौकरी भी सुरक्षित रहे।  राज्य आंदोलनकारियों के लिए सम्मान पेंशन पट्टा व बढ़ोत्तरी के साथ ही चिन्हीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग भी उन्होंने की है।
कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया जाए। समूह ग के पदों के लिए रोजगार कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य कर राज्य के मूल निवासियों को वरीयता दी जाए। लोकायुक्त का गठन व परिसीमन के मुद्दे पर भी उन्होंने सीएम से चर्चा की। मांग की है कि आगामी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य आंदोलनकारियों की मांगों के संदर्भ में घोषणा की जाए। इस पर सीएम ने भरोसा दिया कि राज्य आंदोलनकारियों की न्यायोचित मांगों का समाधान किया जाएगा। क्षैतिज आरक्षण के संदर्भ में उन्होंने गृह सचिव से राज्य आंदोलनकारियों की वार्ता कराने को कहा है। शिष्टमंडल में मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, यशवंत रावत, प्रदीप कुकरेती, रामलाल खंडूड़ी, वीरेन्द्र पोखरियाल, बाल गोविंद, विक्रम भंडारी, विनोद असवाल, पूनम नौटियाल आदि शामिल रहे।
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