नयी दिल्ली। G-7 शिखर सम्मेलन में डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए PM मोदी ने कोरोना महामारी से प्रभावी तौर पर निपटने के लिए एक धरती, एक स्वास्थ्य (वन अर्थ-वन हेल्थ) दृष्टिकोण को अपनाने का आह्वान किया।जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने इस दौरान पीएम मोदी की तारीफ की और उनके इस विचार को अपना समर्थन दिया।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्वास्थ्य शासन में सुधार को लेकर सामूहिक प्रयासों के लिए भारत के सहयोग की प्रतिबद्धता जतायी। उन्होंने कोविड संबंधी प्रौद्योगिकियों पर ट्रिप्स के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका द्वारा डब्ल्यूटीओ में दिए गए प्रस्ताव पर जी-7 के समर्थन का भी आह्वान किया।
भारत ने विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले सात देशों के समूह जी-7 की बैठक में कोविड-19 महामारी के टीके के विनिर्माण के लिए ट्रिप्स समझौते रियायत दिये जाने तथा टीका बनाने के लिए आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला को खुला रखने का आह्वान किया जिसे व्यापक समर्थन मिला।
प्रधानमंत्री ने शनिवार को ब्रिटेन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के पहले सा में वीडियो लिंक के माध्यम से भाग लिया जिसका शीषर्क बिल्डिंग बैक स्ट्रॉन्गर -हैल्थ था जो कोविड महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था को उबारने तथा भविष्य में होने वाली महामारियों के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता सशक्त करने पर केन्द्रित था।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने महामारी से मुकाबले में भारत के पूरे समाज की भागीदारी तथा हर स्तर पर सरकार, उद्योग एवं नागरिक समाज के बीच गहन समन्वय के व्यवहार को रेखांकित किया। उन्होंने संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वालों की पहचान एवं टीकाकरण प्रबंधन के लिए डिजीटल माध्यम के उपयोग की सफलता की जानकारी दी और कहा कि भारत इस बारे में अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता को साझा करने का इच्छुक है।