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युवा ओलंपिक में तन्वी पत्री ने रचा इतिहास, चीन की खिलाड़ी से हारकर भी जीता बड़ा पदक

डकार। भारत की युवा बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पत्री ने युवा ओलंपिक खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। गुरुवार को महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में उन्हें चीन की मौजूदा विश्व जूनियर चैंपियन झांग यी शिन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस उपलब्धि के साथ तन्वी ने इतिहास रच दिया। वह युवा ओलंपिक में बैडमिंटन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

खिताबी मुकाबले में तन्वी ने पहले गेम में शानदार वापसी करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। शुरुआती अंकों में पिछड़ने के बाद उन्होंने लगातार सात अंक जुटाए और 10-5 की बढ़त बना ली। नेट पर बेहतरीन नियंत्रण और सटीक शॉट्स के दम पर उन्होंने 25 मिनट में पहला गेम जीत लिया।

दूसरे गेम में भी भारतीय खिलाड़ी ने आक्रामक शुरुआत की और 4-0 की बढ़त हासिल कर ली। हालांकि, कोर्ट के पिछले हिस्से से हवा के बदलते रुख ने उनके क्लियर शॉट्स को प्रभावित किया। इसका फायदा उठाते हुए झांग यी शिन ने मध्यांतर के बाद वापसी की और दूसरा गेम जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।

निर्णायक गेम में चीनी खिलाड़ी ने क्रॉस-कोर्ट ड्रॉप शॉट्स के जरिए लगातार दबाव बनाया और 19-10 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बावजूद तन्वी ने हार नहीं मानी और लगातार अंक जुटाते हुए स्कोर 19-15 तक पहुंचा दिया। झांग को पांच मैच पॉइंट मिले, लेकिन तन्वी ने सभी पांचों बचाकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। भारतीय खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक जीतने के लिए तीन मौके भी बनाए, लेकिन अंततः झांग ने अनुभव का फायदा उठाते हुए खिताब जीत लिया।

इससे पहले तन्वी ने सेमीफाइनल में जापान की युजुनो वातानाबे को 21-14, 11-21, 21-19 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वातानाबे को कांस्य पदक मिला।

युवा ओलंपिक में भारत के बैडमिंटन पदकों की सूची में तन्वी का नाम भी जुड़ गया है। इससे पहले एचएस प्रणय ने 2010 और लक्ष्य सेन ने 2018 में पुरुष एकल स्पर्धा में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था।

 

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