मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने राज्य निर्माण से लेकर प्रदेश के विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहां की मातृशक्ति अपनी मेहनत, संघर्ष, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचानी जाती है। ऐसे में महिलाओं को निशाना बनाकर टिप्पणी करना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे कांग्रेस की महिलाओं के प्रति सोच भी उजागर होती है।
भाजपा नेता ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है। कांग्रेस को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) या भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा और नीतियों से असहमति हो सकती है, लेकिन राजनीतिक विरोध के नाम पर उत्तराखंड की महिलाओं को निशाना बनाना उचित नहीं है।
चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से जारी वीडियो के साथ किया गया कथित व्यंग्य महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं और बहनों का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। राजनीतिक विरोध में मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने इस मामले को करवाचौथ जैसे पवित्र त्योहार से जोड़ते हुए भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस दिन महिलाएं अपनी पारिवारिक परंपराओं और आस्था के साथ त्योहार मनाती हैं, उसी दिन उनकी गरिमा को लेकर विवाद खड़ा हुआ है।
चौहान ने कांग्रेस से महिलाओं के सम्मान के प्रति संवेदनशीलता बरतने की अपेक्षा जताई। इस बयान के बाद उत्तराखंड में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
