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उत्तराखंड में 709 करोड़ की दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी, इन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा

 देहरादून। उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के आठ प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से पांच को मंजूरी दी गई, जबकि तीन प्रस्तावों को आगे की समीक्षा और परीक्षण के लिए रखा गया।

बैठक में सहसपुर की 326.64 करोड़ रुपये की पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय परियोजना और नैनीताल जिले की 382.40 करोड़ रुपये की खैरना बैराज पेयजल परियोजना को अनुमोदन प्रदान किया गया। दोनों परियोजनाओं की कुल प्रस्तावित लागत 709.04 करोड़ रुपये है। इनके माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में जल संसाधन और पेयजल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की योजना बनाते समय तकनीकी, भू-वैज्ञानिक, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं का समुचित अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक अनुमतियां समय पर प्राप्त की जाएं, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी न हो और लागत में अनावश्यक वृद्धि से बचा जा सके।

उन्होंने परियोजनाओं की गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भौतिक सत्यापन सक्षम अधिकारियों और अधिकृत एजेंसियों से कराने पर भी जोर दिया।

बैठक में बागेश्वर में 13.15 करोड़ रुपये की लागत से सर्किट हाउस निर्माण तथा नैनीताल जिले में दुनिघाट से रातिघाट (पाडली) तक कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए 21.81 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

इसके अलावा चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के बीरोंखाल विकासखंड में स्यूंसी झील निर्माण परियोजना और रुद्रप्रयाग शहर के मास्टर प्लान के पहले चरण से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा के निर्देश दिए गए।

रुद्रप्रयाग मास्टर प्लान के तहत मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे नदी में नहीं जाना चाहिए। इसके लिए प्रभावी जल निकासी और अपशिष्ट जल प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

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