गोदियाल ने सवाल उठाया कि यदि विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर चर्चा ही नहीं करनी थी, तो गैरसैंण में सत्र आयोजित करने का औचित्य क्या था? उन्होंने कहा कि विधानसभा का उद्देश्य केवल औपचारिक कार्यवाही पूरी करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं पर चर्चा करना और सरकार को जवाबदेह बनाना है।
अंकिता हत्याकांड और बेरोजगारी पर जवाब मांगा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, पार्टी के विधायक अंकिता भंडारी हत्याकांड, प्रदेश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और आम लोगों की समस्याओं को सदन में उठाना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की मांग के बावजूद इन मुद्दों पर चर्चा का अवसर नहीं दिया गया। गोदियाल ने इसे सरकार की जवाबदेही से बचने की कोशिश बताया।
उन्होंने कहा कि सत्र के आयोजन के लिए मंत्रियों, अधिकारियों और सरकारी तंत्र को गैरसैंण ले जाने के बाद कुछ ही घंटों में कार्यवाही समाप्त करना सार्वजनिक धन के उपयोग पर सवाल खड़े करता है।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का वादा
गोदियाल ने कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड राज्य आंदोलन की भावनाओं और जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक है। इसकी गरिमा बनाए रखने के लिए यहां नियमित और पर्याप्त अवधि के विधानसभा सत्र आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किया जाएगा।
उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान गैरसैंण में विधानसभा भवन और अन्य परिसंपत्तियों के विकास में किए गए योगदान का भी उल्लेख किया।
विधायकों को मिले जनहित के मुद्दे उठाने का अवसर
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रत्येक विधायक को अपने क्षेत्र की समस्याएं सदन में रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। विधानसभा की कार्यवाही का उद्देश्य जनता की आवाज उठाना, सरकार से सवाल पूछना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना है।
उन्होंने सरकार से जनहित के मुद्दों पर चर्चा सुनिश्चित करने और जनता के प्रति जवाबदेही निभाने की मांग की।
