बैठक में शहर की मौजूदा यातायात व्यवस्था में सुधार, सड़क कनेक्टिविटी, प्रमुख चौराहों के सुधारीकरण, पार्किंग सुविधाओं के विस्तार और नए पार्किंग स्थल विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही मसूरी समेत अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले वाहनों का आवागमन सुचारु बनाने पर भी जोर दिया गया।
अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना बनाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और टाउन प्लानर के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर की यातायात संबंधी समस्याओं का समाधान केवल तात्कालिक उपायों से नहीं, बल्कि सुनियोजित और दीर्घकालिक प्रयासों से किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने को कहा, ताकि वर्तमान समस्याओं के साथ भविष्य में बढ़ने वाले यातायात दबाव से भी निपटा जा सके।
स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों की सुविधा पर जोर
डीएम ने निर्देश दिए कि कार्ययोजना बनाते समय शहर की वर्तमान जरूरतों, उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं और भविष्य में बढ़ने वाले वाहनों की संख्या को ध्यान में रखा जाए। साथ ही स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।
देहरादून में बढ़ते यातायात दबाव के बीच पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था और प्रमुख जंक्शनों का बेहतर प्रबंधन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर पर्यटन सीजन में मसूरी की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही के कारण यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का उद्देश्य शहरवासियों को जाम से राहत दिलाने के साथ सड़क सुरक्षा और आवागमन को बेहतर बनाना होना चाहिए। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से तैयार होने वाली कार्ययोजना देहरादून की यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
