जिलाधिकारी ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की खेती और तस्करी की आशंका को देखते हुए सघन जांच तथा नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
राजस्व, वन और पुलिस विभाग मिलकर करेंगे निगरानी
डीएम प्रशांत आर्य ने राजस्व एवं वन विभाग को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग का सहयोग लेने को कहा। उन्होंने तहसील स्तर पर पिछले वर्षों में नशे से जुड़े विभिन्न मामलों में की गई कार्रवाई की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों से संबंधित मामलों में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने विभागों को नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सतर्कता बरतने को कहा।
राज्य स्थापना दिवस पर युवाओं को किया जाएगा जागरूक
बैठक में नशे की रोकथाम के लिए जनजागरूकता को भी महत्वपूर्ण बताया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आगामी राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में करियर काउंसलिंग और नशामुक्ति से संबंधित जागरूकता गतिविधियों को शामिल किया जाए।
उन्होंने इन कार्यक्रमों में इंटरमीडिएट और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ बेहतर भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी मिल सके।
बैठक में उपनिदेशक गोविंद वन्य जीव विहार निधि सेमवाल, उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश कुमार तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक जनक पंवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल सहित अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
