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कोलकाता बंदरगाह पर 13.50 करोड़ की ई-सिगरेट जब्त, नेपाल भेजने की थी तैयारी

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 13.50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की ई-सिगरेट जब्त की हैं। नेपाल भेजे जाने वाले दो कंटेनरों में छिपाकर रखी गई इन ई-सिगरेट को खुफिया सूचना के आधार पर पकड़ा गया। अधिकारियों ने 24 अक्टूबर को दोनों कंटेनरों को रोककर जांच शुरू की थी।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, दोनों कंटेनरों में सामान की गलत घोषणा कर ई-सिगरेट को छिपाने की कोशिश की गई थी। एक कंटेनर में माल को ‘वाटर ग्लास’ और दूसरे में ‘सिरेमिक मग’ बताया गया था। जांच के दौरान अधिकारियों को घोषित सामान के बीच बड़ी संख्या में ई-सिगरेट मिलीं।

पहले कंटेनर से आईजीईटी ब्रांड की विभिन्न फ्लेवर वाली 40 हजार ई-सिगरेट बरामद की गईं। वहीं, दूसरे कंटेनर से वीटीवी, वॉको, बैंग और ईजॉय सहित अन्य ब्रांडों की करीब 15 हजार ई-सिगरेट मिलीं। इस तरह दोनों कंटेनरों से लगभग 55 हजार ई-सिगरेट जब्त की गईं।

डीआरआई ने सीमा शुल्क अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत ई-सिगरेट के साथ उन्हें छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए सामान को भी जब्त कर लिया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

भारत में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध

भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और सभी इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ईएनडीएस) प्रतिबंधित हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा और इनके संभावित नुकसान से लोगों को बचाने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 लागू किया गया था।

वित्त वर्ष में 120 करोड़ से अधिक की जब्ती

वित्त वर्ष 2026-27 में डीआरआई अब तक महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के बंदरगाहों, हवाई अड्डों और अंतर्देशीय कंटेनर डिपो में लगभग तीन लाख ई-सिगरेट जब्त कर चुका है। इनकी कुल कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

कोलकाता बंदरगाह पर हुई यह कार्रवाई प्रतिबंधित उत्पादों की तस्करी रोकने और अवैध व्यापार के खिलाफ जारी प्रयासों का हिस्सा है।

 

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