मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और तत्परता के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को शिकायतों की गंभीरता समझते हुए उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और जनहितकारी बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को उसकी समस्या का संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम किया जाना चाहिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों और स्थानीय जरूरतों को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री कैप्टन (सेनि.) गंभीर सिंह धामी, सुरेश कोली, रणजीत सिंह नामधारी, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, खटीमा नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, पुलिस अधीक्षक (अपराध) अनुषा बडोला, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
