ग्वादर। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के तटीय शहर ग्वादर में गुरुवार को जोरदार विस्फोट के बाद गोलीबारी की खबर सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, विस्फोटकों से भरे एक वाहन के जरिए पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया। इस बीच, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने कई हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए ‘ऑपरेशन अलमास’ शुरू करने का दावा किया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज सुर और पिशुकन तक सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने आसपास के कुछ घरों की खिड़कियां टूटने और जमीन में कंपन महसूस होने की बात कही है। हालांकि, विस्फोट की परिस्थितियों और उससे हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वहराम बलूच ने अपने बयान में दावा किया कि 22 अक्टूबर को ग्वादर जीरो पॉइंट स्थित फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (FWO) के मुख्य शिविर को निशाना बनाया गया। संगठन के मुताबिक, इस अभियान में उसकी ‘सड्डो ऑपरेशनल बटालियन’ (SOB) और अन्य इकाइयों के लड़ाके शामिल हैं।
संगठन ने यह भी दावा किया कि झड़पों में पाकिस्तान की मिलिट्री इंटेलिजेंस के एक कैप्टन और स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) के कई जवान मारे गए। इसके अलावा, BLF ने FWO शिविर पर कब्जा कर अपना झंडा फहराने और मजानी पुलिस स्टेशन से सरकारी हथियार व उपकरण अपने कब्जे में लेने का दावा किया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
BLF ने गाबद इलाके में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमले की जिम्मेदारी भी ली है। संगठन के अनुसार, इस हमले में एक वाहन नष्ट हुआ और कई सैन्यकर्मी हताहत हुए। समूह ने गाबद क्रॉस स्थित पुलिस चौकी पर कब्जे का दावा भी किया है।
गौरतलब है कि बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और सुरक्षा बलों पर हमलों का सामना कर रहा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्वादर बंदरगाह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का अहम हिस्सा है।
फिलहाल, कथित हमलों में हताहतों की संख्या, नुकसान और ठिकानों पर कब्जे संबंधी दावों की पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तानी अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
