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अंकिता भंडारी केस में ‘VIP कौन था?’ रागिनी नायक ने धामी-मोदी सरकार से पूछे सवाल

हरिद्वार। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान और सीबीआई जांच की प्रगति को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने प्रेस वार्ता कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने, कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने और जांच से जुड़े तथ्यों को सामने लाने की मांग की। उन्होंने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के समय पर भी सवाल खड़े किए।

डॉ. रागिनी नायक ने कहा कि अंकिता के माता-पिता लंबे समय से यह जानना चाहते हैं कि मामले में चर्चित कथित वीआईपी आखिर कौन था। उन्होंने दावा किया कि फरवरी 2026 में सीबीआई ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। ऐसे में जांच की वर्तमान स्थिति और अब तक सामने आए तथ्यों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को अपने सवालों के जवाब मिल सकें।

ऑडियो-वीडियो की फॉरेंसिक जांच की मांग

कांग्रेस प्रवक्ता ने उर्मिला सनावर के वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर द्वारा कथित तौर पर दुष्यंत गौतम का नाम लिया गया है। उन्होंने संबंधित ऑडियो-वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की, ताकि उसकी प्रामाणिकता और तथ्यों की पुष्टि हो सके। उन्होंने दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

पीड़ित परिवार के साथ व्यवहार पर भी उठाए सवाल

डॉ. नायक ने कहा कि अंकिता के माता-पिता न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे, जहां उन्हें पुलिस हिरासत में लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई।

प्रेस वार्ता में उन्होंने वनंतरा रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाए जाने, वहां आगजनी की घटनाओं, अंकिता के लापता होने के बाद शुरुआती कार्रवाई, पोस्टमार्टम में महिला डॉक्टर की मौजूदगी और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने यह भी पूछा कि जांच के दौरान दो मोबाइल फोन क्यों नहीं मिले और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए गए।

डॉ. नायक ने मांग की कि सीबीआई जांच की प्रगति और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता को न्याय मिलना चाहिए और मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह न्याय की इस लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

 

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