After Header-1

दशहरा महोत्सव में सीएम धामी का बड़ा संदेश, 13 हजार एकड़ सरकारी जमीन से हटाया अतिक्रमण

  देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि न्याय, सुशासन और जनकल्याण ही रामराज्य की मूल भावना है। भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा को अपनाना चाहिए। मुख्यमंत्री मंगलवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन और बुराइयों को त्यागने का अवसर है। रावण के पास अपार शक्ति और संपत्ति थी, लेकिन अहंकार और मर्यादा के उल्लंघन ने उसके पतन का मार्ग प्रशस्त किया। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, संयम और कर्तव्यपालन की प्रेरणा देता है।

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभियान चलाकर 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है। सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति वसूलने के लिए सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। धर्म और आस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने के साथ पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। सरकार बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयासरत है।

सीएम धामी ने कहा कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित है। सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे। उन्होंने निवेश, उद्यमिता और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज से भ्रष्टाचार, नशे, अन्याय और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी बुराइयों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। सरकार समान नागरिक संहिता के माध्यम से समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने के साथ सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण उत्तराखंड के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.