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बुक्सा जनजाति के गांवों की बदलेगी तस्वीर, CSR फंड से विकसित होंगी मूलभूत सुविधाएं

 देहरादून। जनपद के बुक्सा जनजाति बहुल गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विकास और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुक्सा जनजाति के गांवों को सभी जनकल्याणकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित किया जाए। साथ ही, इन गांवों में विकास कार्यों के लिए गेल कंपनी के सीएसआर फंड से प्रभावी प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए बुक्सा जनजाति बहुल गांवों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष शिविरों के माध्यम से वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन से वंचित पात्र लोगों को चिह्नित किया जाए। ऐसे लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द योजनाओं से जोड़ा जाए।

इसके अलावा, ग्रामीणों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और अंत्योदय योजना के तहत पात्रतानुसार लाभ दिलाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। अंत्योदय राशन कार्ड से वंचित पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने गांवों में आय, जाति, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को भी प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीणों के आधार कार्ड बनवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि दस्तावेजों के अभाव में कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे।

बैठक में गेल कंपनी के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड के माध्यम से बुक्सा जनजाति के गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।

समीक्षा बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा, सब डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर डॉ. उदय एन. उनियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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