राज्यपाल गुरमीत सिंह ने दिव्यांगजनों से किया संवाद, टीबी मरीजों को पोषण और जरूरतमंदों को मिली सिलाई मशीनें
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने हर्षल फाउंडेशन के दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने दिव्यांगजनों की रचनात्मकता, मेहनत और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिले। दिव्यांगजनों में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। उन्हें जरूरत है समान अवसर, उचित मंच और प्रोत्साहन की। उन्होंने कहा कि सही सहयोग मिलने पर दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। इस दिशा में काम कर रहे संस्थानों और संगठनों के प्रयास सराहनीय हैं।
टीबी रोग के उन्मूलन पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि समय पर उपचार, पौष्टिक आहार और परिवार व समाज का सहयोग इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं देने के साथ भावनात्मक और सामाजिक सहयोग भी मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी भेदभाव के उपचार करा सकें।
राज्यपाल ने लोगों से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और रोगियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना से ही समावेशी एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। प्रत्येक सक्षम व्यक्ति और संस्था को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति अवसरों की कमी के कारण पीछे न रह जाए।
कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, हर्षल फाउंडेशन की अध्यक्ष रमा गोयल, अपर सचिव रीना जोशी, विभिन्न संप्रदायों के धर्मगुरु, संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
