नवनिर्मित संगठन ने सामाजिक न्याय, समानता, सम्मान और संविधान में दिए गए अधिकारों की रक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया। पदाधिकारियों के अनुसार, संगठन जरूरतमंदों, वंचितों और शोषितों की समस्याओं को उठाकर उनके समाधान के लिए प्रयास करेगा।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता अंकुश शैरवाल ने कहा कि उन्होंने सोनू लाठी के साथ पुराने संगठन से इस्तीफा देकर नया रास्ता चुना है। उन्होंने दावा किया कि पुराने संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से पदाधिकारियों को उचित कारण बताए बिना हटाए जाने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी। उनके अनुसार, इसी घटनाक्रम के बाद प्रदेश के सैकड़ों पदाधिकारियों ने अलग होकर नए संगठन के गठन का निर्णय लिया।
प्रदेश प्रभारी सोनू लाठी ने कहा कि भीम आर्मी कांशीराम दल कमजोर और जरूरतमंद लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाएगा। संगठन का प्रयास रहेगा कि किसी भी मजबूर व्यक्ति को अपने अधिकारों के लिए अकेले संघर्ष न करना पड़े। उन्होंने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में संगठन का विस्तार कर जनसमस्याओं के समाधान के लिए काम करने की बात कही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजबीर सिंह कटारिया ने कहा कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसके कार्यकर्ताओं और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी में होती है। उन्होंने कहा कि नए संगठन को केवल पदों के गठन तक सीमित रहने के बजाय आम लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए और न्याय दिलाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
जिलाध्यक्ष योगेश कर्णवाल ने कहा कि जिले में संगठन को मजबूत करने के साथ लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। पदाधिकारियों ने आने वाले समय में संगठन का विस्तार करने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।
कार्यक्रम में अधिवक्ता मोनू राणा, दीपक कुमार, राहुल हर्कल्ले, अमित सिंघानिया, जोनी अंबेडकर, बृजेश कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
