अनिल डोभाल पूर्व में यूकेडी के सक्रिय नेता रहे हैं। उन्होंने पार्टी के टिकट पर रायपुर विधानसभा सीट से दो बार चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने दल से दूरी बना ली थी और अन्य संगठनों के माध्यम से जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे।
अब पार्टी में उनकी वापसी से यूकेडी को उम्मीद है कि उनके अनुभव और सक्रियता से संगठन को मजबूती मिलेगी। पार्टी पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि डोभाल क्षेत्रीय मुद्दों पर जनसमर्थन जुटाने और उत्तराखंड के हितों की लड़ाई को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पार्टी में वापसी के बाद अनिल डोभाल ने कहा कि वह उत्तराखंड के मूल निवास, सख्त भू-कानून और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने जैसे मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने बेरोजगारी, पलायन और प्रदेश के अन्य ज्वलंत विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड के स्थानीय लोगों के हितों और प्रदेश की विशिष्ट पहचान से जुड़े सवाल उनकी प्राथमिकताओं में रहेंगे। इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच आवाज उठाने और क्षेत्रीय हितों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
यूकेडी पदाधिकारियों ने अनिल डोभाल की वापसी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके दोबारा जुड़ने से संगठन को बल मिलेगा। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ाने और संगठन का जनाधार मजबूत करने पर जोर दे रही है।
इस अवसर पर यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, केंद्रीय प्रवक्ता प्रमोद काला, कार्यालय प्रभारी देवचंद उत्तराखंडी, मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लुसुन टोडरिया, उपाध्यक्ष राकेश नेगी, महामंत्री कपिल रावत और मीडिया प्रभारी दिनेश पंत सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
