ब्यूनस आयर्स। फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को भावुक अंदाज में अलविदा कह दिया। मंगलवार को ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मोनुमेंटल में बेनिन के खिलाफ अर्जेंटीना की 3-0 से जीत के बाद मेसी ने प्रशंसकों को संबोधित किया। मैच में उन्होंने एक पेनल्टी पर गोल किया और दो गोल में अहम भूमिका निभाई।
खचाखच भरे स्टेडियम में मेसी जब विदाई भाषण देने पहुंचे तो माहौल भावुक हो गया। उन्होंने सबसे पहले अपने दिवंगत पिता जॉर्ज को याद किया, जिनका अगस्त में लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ था। मेसी ने कहा कि ऐसे मौके पर सबसे पहले उन्हें अपने पिता की याद आती है।
मेसी ने अर्जेंटीना की जर्सी में बिताए दो दशक से अधिक लंबे सफर को अपने लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि इस जर्सी की रक्षा करना उनके लिए हमेशा बहुत खास रहा और टीम ने कभी संघर्ष करना या अपना सर्वश्रेष्ठ देना नहीं छोड़ा।
39 वर्षीय मेसी ने कहा कि अगर उनके हाथ में होता तो वह पूरी जिंदगी अर्जेंटीना के लिए खेलते रहते, क्योंकि देश के लिए खेलना उनके लिए दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह उनके लिए बेहद मुश्किल और भावुक पल है तथा उन्हें अर्जेंटीना के लिए खेलना बहुत याद आएगा।
मेसी ने भविष्य में राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों को अपना समर्थन जारी रखने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि टीम जब एकजुट रहती है तो वह किसी भी प्रतिद्वंद्वी से ज्यादा मजबूत होती है और बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना कर सकती है।
अपने भाषण के अंत में मेसी ने प्रशंसकों के प्रति गहरा आभार जताया। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना का होने पर उन्हें बेहद गर्व है और अपने देश के साथ मिलकर अपना सपना पूरा करना उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
अर्जेंटीना के साथ मेसी का सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन अंततः उन्होंने टीम को बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलताएं दिलाईं। उनकी विदाई ने अर्जेंटीना के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए एक यादगार और भावुक अध्याय को समाप्त कर दिया।
