श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में गुरुवार को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। फूड, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने सदन में बताया कि राज्य सरकार ने पात्र परिवारों को छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की नीति को मंजूरी दे दी है। सरकार की इस घोषणा के बाद विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताते हुए इसे चुनावी वादे से पीछे हटना करार दिया।
विपक्षी सदस्यों ने कहा कि करीब दो साल पहले सरकार की ओर से हर परिवार को साल में 12 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया गया था। अब इस संख्या को घटाकर छह किए जाने पर विपक्ष ने सरकार को सदन में घेर लिया। विपक्ष का आरोप था कि सरकार ने जनता से किए गए अपने वादे को कम कर दिया है और इससे लोगों में निराशा पैदा हुई है।
मामला इतना गरमा गया कि विपक्षी सदस्यों ने सदन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान ‘झूठी सरकार’ और ‘यह धोखा है’ जैसे नारे लगाए गए। विपक्षी नेता ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब उन वादों को पूरा करने के बजाय उनकी सीमा कम की जा रही है।
विपक्ष ने सरकार के एक लाख नौकरियां देने के कथित पुराने वादे को भी मुद्दा बनाया। विपक्षी सदस्यों ने सवाल उठाया कि रोजगार को लेकर किए गए वादे की स्थिति क्या है और सरकार ने अब तक इस दिशा में कितना काम किया है।
मंत्री के जवाब और विपक्ष की आपत्तियों के बीच सदन में काफी देर तक तीखी बहस और नारेबाजी का दौर चलता रहा। विपक्षी सदस्यों ने मुफ्त एलपीजी सिलेंडरों की संख्या छह किए जाने पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। लगातार हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही के दौरान गहमागहमी बनी रही।