उत्तरकाशी। जिले में भू-लेख से जुड़े लंबित मामलों के जल्द निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भूमि संबंधी कार्यों के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बुधवार को कलक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने भू-लेख से संबंधित मामलों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी की जाए। किसी आवेदन को बिना ठोस और व्यावहारिक कारण के खारिज नहीं किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को भूमि संबंधी प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने डिजिटल प्रणाली को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों को भू-लेख से संबंधित ऑनलाइन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिक पोर्टल पर सही और पूर्ण दस्तावेज अपलोड कर सकें।
उन्होंने कहा कि आवेदन के साथ त्रुटिहीन अभिलेख और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध होने से सत्यापन की प्रक्रिया आसान और तेज होती है। इससे आम लोगों को छोटी-छोटी कमियों के कारण बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से भी राहत मिल सकती है। साथ ही, सही दस्तावेजों की जानकारी होने से प्रशासनिक स्तर पर आवेदनों के निस्तारण में भी अनावश्यक देरी कम होगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनका निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने डिजिटल माध्यम से होने वाले कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र मौजूद रहीं। राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशों के प्रभावी अनुपालन के साथ लंबित मामलों की प्रगति पर लगातार नजर रखने को कहा।