कोटद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेशभर में चल रहे ‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत मंगलवार को पौड़ी जिले के विभिन्न बाल विकास परियोजना क्षेत्रों में पोषण दिवस और सामुदायिक आधारित गतिविधियां आयोजित की गईं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं और ग्रामीणों को पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य तथा सरकार की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि बाल विकास परियोजना दुगड्डा के मानपुर-4 आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में घर पर पोषण वाटिका तैयार करने के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को स्थानीय और मौसमी फलों तथा खाद्य पदार्थों में मौजूद पोषक तत्वों के महत्व के बारे में बताया गया। इस दौरान बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य के लिए ‘सुनहरे हजार दिनों’ की अवधारणा को भी समझाया गया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महालक्ष्मी किट योजना और बालिकाओं के लिए संचालित नंदा गौरा योजना की जानकारी भी दी गई। महिलाओं से इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्रता और प्रक्रिया की जानकारी साझा की गई।
बाल विकास परियोजना थलीसैंण के सेक्टर चाकीसैंण में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पोषण संबंधी सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम के दौरान एक गर्भवती महिला की गोद भराई की गई और उसे पोषण किट प्रदान की गई। वहीं, दो लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट वितरित की गई।
इसी तरह सेक्टर पैठाणी के आंगनबाड़ी केंद्र सेराबडकोट में राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही’ पर आधारित गतिविधियां आयोजित की गईं। यहां महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। साथ ही एक गर्भवती महिला की गोद भराई कर उसे पोषण संबंधी सामग्री उपलब्ध कराई गई।
अधिकारियों ने बताया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य गर्भवती और धात्री माताओं के साथ पूरे परिवार को संतुलित आहार, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग और बच्चों के बेहतर पोषण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रमों में समुदाय की भागीदारी के जरिए मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।