पूर्व सैनिकों की सुविधाओं पर राज्यपाल का जोर, डिजिटल सेवाओं से घटेगी कागजी दौड़

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) से मंगलवार को नवनियुक्त निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर बीएस बसेड़ा (सेनि.) ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं व सुविधाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से दिलाने के साथ ही तकनीक और डिजिटलीकरण के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण प्राथमिकता में होना चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें आसानी से और समय पर मिले, इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का अधिक इस्तेमाल होने से पूर्व सैनिकों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से राहत मिलेगी और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी संभव होगा।

बैठक में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं को और सुगम बनाने पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने ईसीएचएस समेत स्वास्थ्य सेवाओं और सीएसडी से मिलने वाली सुविधाओं को आसान बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ और बुजुर्ग पूर्व सैनिकों को कैंटीन की सुविधाएं लेने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इस दिशा में भी संभावनाएं तलाशनी चाहिए। उन्होंने घर के नजदीक अथवा घर तक सीएसडी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर विचार करने को कहा, जिससे उन्हें भीड़ और लंबी प्रतीक्षा से राहत मिल सके।

राज्यपाल ने निर्माणाधीन सैन्य धाम की प्रगति और उससे जुड़े विषयों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम सैनिकों और उनके परिवारों के लिए आस्था, सम्मान और गौरव का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके संचालन और क्रियान्वयन को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है।

नवनियुक्त निदेशक ब्रिगेडियर बीएस बसेड़ा पिथौरागढ़ जिले के देवलथल क्षेत्र के भंडारी गांव निवासी हैं। वे तीसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी रहे हैं और 34 वर्ष के सैन्य करियर के बाद सेवानिवृत्त हुए। इससे पहले वे केंद्रीय सैनिक बोर्ड में सचिव के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। बैठक में राज्यपाल ने सैनिक कल्याण से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा की।

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