लेखक गांव पहुंचे शाहनवाज, निशंक से मुलाकात में लौटीं पुरानी यादें

देहरादून। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने मंगलवार को देहरादून के थानो स्थित लेखक गांव का अचानक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में युवा मोर्चा के दिनों की पुरानी यादें ताजा हुईं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन के शुरुआती दौर में साथ किए गए संघर्ष और अनुभवों को भी साझा किया।

शाहनवाज हुसैन ने लेखक गांव परिसर में संचालित विभिन्न प्रकल्पों और गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने नालंदा पुस्तकालय एवं शोध-अनुसंधान केंद्र, अटल प्रेक्षागृह, संजीवनी वाटिका, नक्षत्र वाटिका और लेखक कुटीर का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं और गतिविधियों की जानकारी ली।

लेखक गांव में विकसित किए जा रहे साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को देखकर शाहनवाज हुसैन ने इसकी अवधारणा की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां नालंदा और तक्षशिला की परंपरा दिखाई देती है और जल्द ही विक्रमशिला भी स्थापित होगी। उनके अनुसार, यह परिसर भारतीय ज्ञान, साहित्य और संस्कृति की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

लेखक गांव की निदेशक विदुषी ‘निशंक’ ने उन्हें परिसर की स्थापना की पृष्ठभूमि और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लेखक गांव में साहित्य, कला, संस्कृति, प्रकृति और भारतीय ज्ञान परंपरा को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। देश-विदेश के साहित्यकारों, कलाकारों, शिक्षाविदों और सृजनधर्मियों के लिए यहां संवाद, चिंतन और सृजन का वातावरण विकसित किया जा रहा है।

भ्रमण के दौरान शाहनवाज हुसैन ने विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी ली और परिसर में संचालित गतिविधियों को देखा। इस अवसर पर राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के सचिव बालकृष्ण चमोली, कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रो. केके पांडे समेत लेखक गांव परिवार के सदस्य मौजूद रहे।

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