खगड़िया। जिले में बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों का सड़क संपर्क प्रभावित होने और आवागमन बाधित होने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने के लिए जिला प्रशासन ने फ्लोटिंग क्लिनिक की व्यवस्था की है। जलमार्ग के जरिए संचालित यह क्लिनिक बाढ़ प्रभावित इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में मदद कर रहा है। प्रशासन के अनुसार, अब तक फ्लोटिंग क्लिनिक के माध्यम से 1300 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है।
फ्लोटिंग क्लिनिक में ओपीडी और आईपीडी दोनों तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां मरीजों की जांच और डॉक्टरों से परामर्श के साथ आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध हैं। मरीजों के लिए बेड और बैठने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती और धात्री महिलाओं की स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
बाढ़ के कारण जिन इलाकों में सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है, वहां से मरीजों को बोट एंबुलेंस के माध्यम से फ्लोटिंग क्लिनिक तक लाया जा रहा है। गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी स्थिति के अनुसार बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। इससे सड़क संपर्क बाधित होने के बावजूद मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
बाढ़ के दौरान बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा डूबने की घटनाओं, सर्पदंश तथा दूषित पानी और मच्छरों से होने वाली बीमारियों के उपचार की भी व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित हर समुदाय तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि बोट एंबुलेंस के जरिए जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार के लिए लाया जा रहा है। सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति में फ्लोटिंग क्लिनिक प्रभावित क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बना है।