गांधीनगर में जुटे 66 देशों के विशेषज्ञ, सर्कुलर इकोनॉमी पर बड़ा मंथन

गांधीनगर । गुजरात की राजधानी गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में मंगलवार को ‘वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (डब्ल्यूसीईएफ) 2026’ के 10वें संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ। दक्षिण एशिया में पहली बार आयोजित इस वैश्विक फोरम में 66 देशों के 2,000 से अधिक विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, उद्यमी और अन्य हितधारक शामिल हो रहे हैं। चार दिवसीय आयोजन 18 सितंबर तक चलेगा, जिसमें टिकाऊ विकास, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में फोरम का उद्घाटन किया। इस दौरान 125 से अधिक स्टॉल वाले ‘सर्कुलरिटी एक्सपो’ का भी शुभारंभ किया गया। एक्सपो में ग्रीन इनोवेशन, वेस्ट-टू-वेल्थ मॉडल, रीसाइक्लिंग और संसाधन प्रबंधन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि गुजरात ने औद्योगिक विकास के साथ नवीकरणीय ऊर्जा, कचरा एवं जल प्रबंधन और संसाधन दक्षता के क्षेत्र में कई पहल की हैं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि देश को ग्रोथ भी चाहिए और ग्रीनरी भी, इंडस्ट्री भी चाहिए और इकोलॉजी भी।

पटेल ने सोमनाथ मंदिर की व्यवस्थाओं को सर्कुलर इकोनॉमी का उदाहरण बताया। उनके अनुसार मंदिर में फूल, बिल्वपत्र, दूध, जल और अन्य पूजन सामग्री को कचरे के रूप में नहीं फेंका जाता। जैविक कचरे से खाद तैयार की जाती है, जबकि प्लास्टिक कचरे से पेवर ब्लॉक बनाए जाते हैं। स्थानीय महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़ा गया है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी का दायरा केवल कचरे की रीसाइक्लिंग तक सीमित नहीं है। इसमें उत्पाद के डिजाइन से लेकर उत्पादन, उपभोग, मरम्मत, पुन: उपयोग और पुनः उत्पादन तक पूरी प्रक्रिया को संसाधन-कुशल बनाना शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक जीवनशैली में पुन: उपयोग और मरम्मत की संस्कृति पहले से मौजूद रही है।

वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि भारत सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में बड़ी संभावना बनकर उभर रहा है। उन्होंने गुजरात की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य में 1,242 रीसाइक्लिंग सुविधाएं और 19 कोर प्रोसेसिंग यूनिट हैं। साथ ही 41 ई-वेस्ट रीसाइक्लर्स और 12 रिफर्बिशर्स भी काम कर रहे हैं।

फोरम में नीदरलैंड, फिनलैंड समेत कई देशों के प्रतिनिधियों ने वैश्विक सहयोग को जरूरी बताया। विशेषज्ञों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी और आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बीच सर्कुलर अर्थव्यवस्था टिकाऊ विकास का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। आयोजन का उद्देश्य वैश्विक अनुभव, तकनीक और नवाचार साझा कर संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।

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