सिरसा। हरियाणा की सिरसा जिला जेल में बंद कैदियों को शिक्षा, ज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू होने जा रही है। जेल प्रशासन परिसर में लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य बंदियों के खाली समय का सकारात्मक उपयोग कर उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना और रिहाई के बाद समाज की मुख्यधारा में बेहतर तरीके से लौटने के लिए तैयार करना है।
इस पहल में समाजसेवियों और विभिन्न संस्थाओं का भी सहयोग मिल रहा है। इसी क्रम में बुक बैंक की ओर से जेल प्रशासन को विभिन्न विषयों से जुड़ी सैकड़ों उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। इन पुस्तकों के जरिए प्रस्तावित लाइब्रेरी को समृद्ध किया जाएगा।
जेल प्रशासन के अनुसार, लाइब्रेरी में हिंदी साहित्य, सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित किताबों के अलावा धार्मिक, नैतिक और प्रेरणादायक साहित्य भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बंदियों को पढ़ने और नई चीजें सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें अपने व्यक्तित्व विकास और भविष्य की तैयारी के लिए उपयोगी सामग्री भी मिल सकेगी।
वहीं, कंप्यूटर लैब में बंदियों को बुनियादी कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण देने की योजना है। आधुनिक दौर में तकनीकी ज्ञान की बढ़ती जरूरत को देखते हुए यह प्रशिक्षण रिहाई के बाद रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके लिए मददगार साबित हो सकता है।
बुक बैंक के संचालक ने कहा कि किताबें व्यक्ति की सोच और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने भविष्य में भी जेल प्रशासन को पुस्तकों की आवश्यकता होने पर सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया।
जेल अधीक्षक जसवंत सिंह ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से बंदियों की सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह पहल उनके व्यक्तित्व विकास के साथ उन्हें भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगी।
जेल परिसर में लाइब्रेरी और कंप्यूटर रूम के लिए स्थान तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि यह सुविधा बंदियों को शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और आत्मविकास का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।