देहरादून/नई दिल्ली। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास पहुंचकर नेपाल के राजदूत से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नेपाल में आई त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी और संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड समेत पूरा भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार नेपाल को आवश्यक हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भारत की एनडीआरएफ टीमें नेपाल के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं तथा प्रभावित लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाई जा रही है।
महाराज ने भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच केवल भौगोलिक निकटता ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्ते भी बेहद मजबूत हैं। उन्होंने भारत-नेपाल के संबंधों को ‘रोटी-बेटी’ के रिश्ते की संज्ञा देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को लगातार मजबूत किया जाना चाहिए।
मुलाकात के दौरान महेन्द्रनगर और बनबसा के बीच प्रस्तावित लैंड पोर्ट का मुद्दा भी सामने आया। महाराज ने कहा कि लैंड पोर्ट से जुड़ी बाधाओं का समाधान कर दिया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और भारत सरकार के सहयोग से तराई क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। लैंड पोर्ट के निर्माण से भारत और नेपाल के बीच आवागमन और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
महाराज ने पर्यटकों को लेकर भी सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नेपाल के एक क्षेत्र में आपदा आई है, जबकि अन्य क्षेत्र सुरक्षित हैं। इसलिए पर्यटकों को अनावश्यक रूप से हतोत्साहित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि परिस्थितियां सामान्य होने के साथ नेपाल में पर्यटन गतिविधियां फिर तेजी पकड़ेंगी और दोनों देशों के बीच लोगों का आवागमन और मजबूत होगा।